अधूरे प्यार की एक पूरी कहानी, चलो मैं सुनाता हूँ तुम्हारी जुबानी, एक तरफा ना थी चाहत की बातें, बिन मिलें भी हो जाती थी मुलाकातें, ना डर था बेदर्दी ज़माने का उनको, ना फिक्र थी आने वाले कल की उनको, एक रोज़ हुआ कुछ ऐसा कि सब छूटा, लड़की लड़के से,लड़का लड़की से रूठा, अहम का चश्मा था चढ़ा दोनों के दिल पर, सफ़र छूटा बिना आए मोहब्बत की मंज़िल पर। P. S - This poem was written in reply of Nidhi Joshi जी one post. Thar line touched me.. N here I am with the reply of that post. So would like to thanks Nidhi ji #YQBaba #Kumaarsthought #YQDidi #हिंदी #hindi #poem #कहानी #मोहब्बत #अधूरी #लड़का #लड़की #मंज़िल #सफ़र #चश्मा #मुलाकात